माँ
काश सब बेटियों की माएँ हों
बिल्कुल तुम सी
बेटी की बला ले लें अपने ऊपर
उसके खौफ़, उसकी पाबन्दियाँ, उसके पहरे
सब बदल जाएँ
घने प्रेम और विश्वास में
कहें बेटियों से
कंधे सीधे रखो
और सिर ऊँचा
नाज़ुक नहीं मज़बूत बनो
बेटियाँ पतंग नहीं होतीं न
बेटियाँ वर्तमान होती हैं
बेटियाँ भविष्य होती हैं
और बेटियों का भी होता है
वर्तमान और भविष्य
एक दिन बेटियाँ
हो जाती हैं माँ भी
तुम्हारी जैसी बेटियों की
तुम्हारी जैसी माँ.
काश सब बेटियों की माएँ हों
बिल्कुल तुम सी
बेटी की बला ले लें अपने ऊपर
उसके खौफ़, उसकी पाबन्दियाँ, उसके पहरे
सब बदल जाएँ
घने प्रेम और विश्वास में
कहें बेटियों से
कंधे सीधे रखो
और सिर ऊँचा
नाज़ुक नहीं मज़बूत बनो
बेटियाँ पतंग नहीं होतीं न
बेटियाँ वर्तमान होती हैं
बेटियाँ भविष्य होती हैं
और बेटियों का भी होता है
वर्तमान और भविष्य
एक दिन बेटियाँ
हो जाती हैं माँ भी
तुम्हारी जैसी बेटियों की
तुम्हारी जैसी माँ.
